छतरपुर जिले में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले में जिला पंचायत ने बड़ी कार्रवाई की है। नौगांव जनपद की महतौल पंचायत में सामने आए इस मामले में पंचायत के तत्कालीन सचिव और सीएससी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यह मामला करीब पांच महीने पहले सामने आया था, जब महतौल पंचायत से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की शिकायत कलेक्टर को प्राप्त हुई थी। शिकायत के बाद जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।
जांच में सामने आया कि अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 1134 जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए, जबकि जांच के दौरान केवल एक जन्म प्रमाण पत्र सही पाया गया। शेष 1133 जन्म प्रमाण पत्र ऐसे लोगों के नाम पर बनाए गए, जो न तो पंचायत के निवासी हैं और न ही पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज हैं
जांच में यह भी सामने आया कि महतौल पंचायत में मुस्लिम और ईसाई समुदाय का कोई भी सदस्य दर्ज नहीं है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में इन समुदायों के नाम पर जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए।
प्रशासन को आशंका है कि इन प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग बाहरी व्यक्तियों द्वारा किया गया हो सकता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर पंचायत सचिव प्रेमचंद रैकवार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं सीएससी संचालक मनोहर कुशवाहा सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
अब पुलिस और प्रशासन यह जांच करेगा कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र किस आधार पर बनाए गए और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
