अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देशभर में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान को याद किया जा रहा है। इसी कड़ी में विदिशा की ऐसी महिलाओं से बातचीत की गई, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास के दम पर एक अलग पहचान बनाई है। स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय क्षेत्र और पुलिस विभाग—हर क्षेत्र में महिलाएं आज अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
डॉ. रुपाली जैन – सेवा और समर्पण का उदाहरण

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से जुड़ी डॉ. रुपाली जैन ने बताया कि डॉक्टर का पेशा सिर्फ एक नौकरी नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम भी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में काम करते हुए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन मरीजों की सेवा करने और उन्हें स्वस्थ देखकर जो संतोष मिलता है, वही आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
सीए अनुशिखा जैन – बिना कोचिंग के हासिल की बड़ी सफलता

वित्तीय क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहीं सीए अनुशिखा जैन की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बिना कोचिंग के ही चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसी कठिन परीक्षा पास कर यह साबित किया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अनुशिखा जैन का कहना है कि आज के समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवतियों को सलाह दी कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं।
एएसआई राधिका मिश्रा – जिम्मेदारी और सेवा का जज़्बा

पुलिस विभाग में पदस्थ एएसआई राधिका मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बचपन में उनका सपना कला और डांस के क्षेत्र में आगे बढ़ने का था, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें पुलिस सेवा में आने का अवसर दिया। आज वे पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं और समाज की सुरक्षा में योगदान दे रही हैं। उनका कहना है कि महिलाओं को हर परिस्थिति में मजबूत रहना चाहिए और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करते रहना चाहिए।
इन सभी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि अगर आत्मविश्वास, मेहनत और सकारात्मक सोच हो तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
