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पीपीपी मॉडल पर उठे सवाल, संदेहास्पद संस्था से अनुबंध निरस्त करने की माँग

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कटनी में बहुप्रतीक्षित शासकीय मेडिकल कॉलेज को लेकर सियासत तेज हो गई है। एनएसयूआई एवं युवक कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष और प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम कलेक्टर कटनी के माध्यम से शिकायत पत्र सौंपा।

दिव्यांशु मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद वीडी शर्मा और मुड़वारा विधायक संदीप जयसवाल द्वारा जनता को पूर्ण शासकीय मेडिकल कॉलेज का सपना दिखाया गया, लेकिन हकीकत में पीपीपी मॉडल के माध्यम से निजी संस्थाओं को लाभ पहुँचाने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिस स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन के साथ मेडिकल कॉलेज संचालन को लेकर अनुबंध किया गया है, उसकी पारिवारिक संस्था आरकेडीएफ पर फर्जी मार्कशीट मामले में पहले ही एसटीएफ भोपाल कार्रवाई कर चुकी है। ऐसे में संदेहों में घिरी संस्था को गंभीर मरीजों के इलाज और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपना जनहित के खिलाफ है।

दिव्यांशु मिश्रा ने आशंका जताई कि पीपीपी मॉडल के तहत इलाज और चिकित्सा शिक्षा दोनों का व्यापारीकरण होगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन के साथ किया गया अनुबंध तत्काल निरस्त कर कटनी में पूर्ण शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अनुबंध निरस्त नहीं किया गया, तो सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को इस कथित लूट के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और आंदोलन और तेज किया जाएगा।

 

वहीं इस पूरे मामले पर कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने बताया कि पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज को लेकर उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है। यह विषय राज्य सरकार के स्तर का है, इसलिए वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।

mpmedia24
Author: mpmedia24

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