विदिशा में छोटे और मंझले व्यापारियों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर नजर आने लगा है। डिस्ट्रीब्यूटर संगठन के बैनर तले व्यापारी लगातार तीसरे दिन धरने पर बैठे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि शहर में प्रस्तावित डी-मार्ट और बड़े शॉपिंग मॉल उनके रोजगार पर सीधा असर डालेंगे।
आज विरोध को और तेज करते हुए व्यापारियों ने धरना स्थल पर गले में फांसी का फंदा डालकर प्रतीकात्मक आत्महत्या का प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि यदि डी-मार्ट जैसे बड़े रिटेल स्टोर खुले, तो छोटे दुकानदारों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि ई-कॉमर्स और बड़े रिटेल स्टोर्स के बढ़ते दबाव से पहले ही उनका कारोबार प्रभावित है, और अब डी-मार्ट के आने से हालात और बिगड़ेंगे।
नरेंद्र धनवानी : “डी-मार्ट और बड़े मॉल खुलने से छोटे व्यापारी पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। सरकार और प्रशासन को छोटे व्यापारियों की चिंता करनी चाहिए, वरना हम मजबूर होकर आंदोलन और तेज करेंगे।”
राजेश जैन : “हम रोजगार देने वाले लोग हैं, लेकिन आज खुद बेरोजगारी की कगार पर खड़े हैं। हमारी मांग है कि डी-मार्ट को विदिशा में खुलने से रोका जाए।”
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन व्यापारियों के इस कड़े और प्रतीकात्मक विरोध को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला लिया जाता है या नहीं।
