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मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ खुला मोर्चा

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विदिशा में चार श्रम संहिताओं के विरोध और सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज एक्ट 1976 को बहाल करने की मांग को लेकर आज 12 फरवरी को देशभर में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। विदिशा सहित पूरे मध्यप्रदेश में दवा प्रतिनिधियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।

मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही नई श्रम संहिताएं पूरी तरह श्रमिक विरोधी हैं, जिससे कर्मचारियों के अधिकार, नौकरी की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर सीधा असर पड़ेगा।

हड़ताल के दौरान दवा प्रतिनिधियों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांगों में चारों लेबर कोड को वापस लेना, सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज एक्ट 1976 को बहाल करना, दवा प्रतिनिधियों के लिए स्पष्ट सेवा शर्तें तय करना और उनके अधिकारों की सुरक्षा शामिल है।

राजकुमार जैन, (अध्यक्ष विदिशा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स) ने कहा  “केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड पूरी तरह से श्रमिक विरोधी हैं। इससे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के अधिकार खत्म हो जाएंगे। हम मांग करते हैं कि इन लेबर कोड को तुरंत वापस लिया जाए और SPE एक्ट 1976 को बहाल किया जाए, ताकि कर्मचारियों के हित सुरक्षित रह सकें

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Author: mpmedia24

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