विदिशा की नई कृषि उपज मंडी में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। फसलों के दामों में अचानक गिरावट से नाराज़ किसानों ने मंडी के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि तीन दिन पहले जो दाम मिल रहे थे, आज वही फसल काफी कम कीमत पर खरीदी जा रही है।
विदिशा मंडी में आज उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में किसानों ने फसल के भाव को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि व्यापारी मनमाने तरीके से दाम तय कर रहे हैं।
चक्का जाम में शामिल किसान विदिशा ही नहीं, बल्कि आसपास के लगभग 100 किलोमीटर दूर-दराज के इलाकों से मंडी पहुंचे थे।
शमशाबाद क्षेत्र के भैयाखेड़ी गांव से आए किसान अर्जुन सिंह मीणा ने बताया कि तीन दिन पहले उनकी फसल का भाव 3750 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन आज वही फसल 3300 रुपये में खरीदी जा रही है। किसानों का आरोप है कि व्यापारियों द्वारा लूट मचाई जा रही है।
अर्जुन सिंह मीणा, किसान : “तीन दिन पहले 3750 का भाव था, आज 3300 कर दिया। ये सरासर अन्याय है, व्यापारी मनमानी कर रहे हैं।”
वहीं व्यापारियों ने किसानों के आरोपों को गलत बताया है। व्यापारियों का कहना है कि फसलों के भाव ऊपर से तय होते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार कीमतों में बदलाव होता रहता है।
बाइट : आशीष माहेश्वरी, व्यापारी : “भाव ऊपर से तय होते हैं। आज 100–200 रुपये की गिरावट आई है। नीलामी बंद हमने नहीं की, किसानों के हंगामे की वजह से काम रुका।”
स्थिति की जानकारी मिलते ही स्थानीय एसडीएम क्षितिज शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से बातचीत कर स्थिति को संभाला और समझाइश के बाद चक्का जाम खुलवाया।
क्षितिज शर्मा, एसडीएम विदिशा : “किसानों की समस्याएं सुनी गई हैं। बातचीत के जरिए समाधान निकाला गया है और फिलहाल स्थिति सामान्य है।”
फिलहाल प्रशासन की समझाइश के बाद चक्का जाम समाप्त कर दिया गया है, लेकिन किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि फसलों के उचित दाम नहीं मिले, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


