कटनी: देश भर में आज के दिन नदियों, तालाबों, गंगा किनारे एक समूह एकत्र होकर व्रती महिलाएं विगत 4 दिनों से पूजा पाठ विधि विधान के साथ व्रत रहते हुए आज नदी के घाट पर पानी मे उतरकर सूर्यास्त होते सूर्य देवता को अर्ध देते हुए अपनी श्रद्धा पूर्वक नमन कर छठी मैया की उपासना कर छठ पर्व मनाते देखी जा सकती है।
कटनी में बाबा घाट नदी किनारे आपको विशाल जन समूह नजर आ रहा है ये सभी पूर्वी भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत होकर दीपावली के के बाद सबसे बड़ा पर्व पूर्वांचल के रहने वाले मनाते है छठ।
छठ पर्व का अपना एक इतिहास है जो सदियों से इस परंपरा का निर्वाह होता आ रहा है,बिहार में इस समय इस पर्व की रौनक अलग ही छटा बिखेर रही है, नहाए खाये से सुरु हुआ यह पर्व खरना और सूर्यास्त होते हुए सूर्य देवता को पानी मे उतरकर अर्ध देना और अगले दिन सूर्योदय से पूर्व ये सभी वर्ती महिलाएं नदी घाट जाकर सूर्य देवता को अर्ध देकर इस पर्व की समाप्ति होगी।
आपको बता दे कि देश मे एक मात्र छठ पर्व ऐसा है जिसमे बिहार पुर्वांचल क्षेत्र में हिन्दू समुदाय के अलावा मुस्लिम समाज के कुछ लोग इस पर्व पर अपनी आस्था रखते है और इस पर्व पर व्रत रहकर छठ पर्व मनाते है।


