विदिशा के नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास से 13 वर्षीय छात्र 16 दिनों से लापता छात्रावास प्रशासन को भनक तक नहीं लगी, परिजनों को 15 दिन बाद दी गई जानकारी
विदिशा से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 13 साल का एक मासूम छात्र पिछले 16 दिनों से लापता है, लेकिन हॉस्टल प्रशासन इस पूरी घटना से अंजान बना रहा!
परिवार के लोगों को इस बात की जानकारी तब लगी जब खुद छात्रावास प्रशासन ने उन्हें रोल नंबर लेने के लिए बुलाया
पर सवाल ये उठता है छात्रावास प्रशासन इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर सकता है ?
16 दिन तक एक बच्चा गायब कैसे रहा ?
क्या यह सिर्फ एक हादसा है, या इसके पीछे किसी कीसाजिश का इशारा है ?
आइए आपको दिखाते हैं इस पूरे मामले पर विदिशा से एक खास रिपोर्ट
विदिशा के रामद्वारा इलाके में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास में पढ़ने वाला 13 वर्षीय छात्र रचित यादव बीते 16 दिनों से गायब है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हॉस्टल प्रशासन को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। ना ही किसी ने नोटिस किया, ना ही चौकीदार ने रिपोर्ट किया।
छात्र के पिता वीरसिंह यादव ने बताया छात्रावास की तरफ से हमें फोन आया कि आपके बच्चे का रोल नंबर लेने आ जाइए। जब हम गांव से छात्रावास पहुंचे, तो पता चला कि हमारा बेटा 16 दिन से गायब है इसकी शिकायत हमने सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है
हॉस्टल प्रशासन का कहना है कि आपका बच्चा दीवार कूदकर भाग गया। अगर ऐसा था, तो उन्होंने तुरंत हमें सूचना क्यों नहीं दी ?
मेरा बच्चा इतने दिनों से पढ़ रहा था, तो अचानक कैसे गायब हो गया?”
छात्रावास प्रबंधन विनय सक्सेना “हमें जानकारी नहीं थी कि बच्चा 16 दिन से लापता है। वार्डन ने बताया कि बच्चों की आमद दर्ज नहीं की गई थी। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं।”
मामला संदिग्ध, प्रशासन पर सवाल की अगर बच्चा हॉस्टल में नहीं था, तो हॉस्टल प्रशासन ने इतने दिनों तक ध्यान क्यों नहीं दिया?
क्या यह केवल प्रशासन की लापरवाही है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा?
अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हॉस्टल वार्डन और चौकीदार से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने हॉस्टल के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती जांच में रजिस्टर में गड़बड़ी की बात सामने आई है।
अब यह मामला कलेक्टर और एसपी तक पहुंच चुका है, लेकिन सवाल वही है – आखिर रचित कहाँ गया?
सिविल लाइन थाना प्रभारी शहवाज खान ने बताया “हमारी टीम हॉस्टल रिकॉर्ड्स, दस्तावेजों और स्टाफ से गहन पूछताछ कर रही है। हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं कि यह बच्चा अचानक कहां और कैसे गायब हो गया?”
इस खबर के बाद हॉस्टल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कैसे एक छात्र 16 दिन तक गायब रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी?
क्या यह महज लापरवाही का मामला है या कुछ और? क्या हॉस्टल के रिकॉर्ड में गड़बड़ी सिर्फ इस छात्र तक सीमित है या फिर यहां कोई बड़ा खेल चल रहा है?


