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सिरोंज : आत्महत्या से हड़कंप — परिजनों ने पुलिस की निष्क्रियता को बताया जिम्मेदार, प्रदर्शन उग्र

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सिरोंज के ग्राम आमखेड़ा में बुधवार रात रज्जू यादव ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या मुगलसराय पुलिस की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण हुई।

दरअसल, 14 नवंबर को रज्जू यादव की बेटी रोशनी गांव के एक युवक के साथ घर से चली गई थी। बताया जा रहा है कि लड़का अनुसूचित जाति वर्ग का है। परिजनों ने तुरंत मुगलसराय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो लड़के के परिवार से कड़ी पूछताछ की और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई की।

परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के बार-बार टालमटोल करने और कार्रवाई न करने से आहत होकर रज्जू यादव ने यह कदम उठाया।

सुबह जब परिजनों ने रज्जू को फांसी पर लटका देखा तो गांव में हड़कंप मच गया। लोगों ने शव को नीचे नहीं उतारा और पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग आमखेड़ा में एकत्र हो गए और मुगलसराय थाना प्रभारी लक्ष्मण डाबर के खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक एसपी मौके पर नहीं आते, आंदोलन जारी रहेगा।

करीब दोपहर 12 बजे विदिशा के एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे और सिरोंज SDM मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं—

1. मुगलसराय थाना प्रभारी लक्ष्मण डाबर को तुरंत निलंबित किया जाए।

2. लड़की और लड़के को जल्द से जल्द खोजकर पेश किया जाए।

3. लड़की को भगाने में सहयोग करने वाले 10 लोगों की गिरफ्तारी की जाए, जिनकी जानकारी पहले ही पुलिस को दी गई है।

4. मुख्य आरोपी के अतिक्रमण पर कार्रवाई करते हुए घर पर बुलडोजर चलाया जाए।

अधिकारी ने प्रभावी कार्रवाई के लिए 3 दिन का समय मांगा, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। इसके बाद रज्जू यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिरोंज के सरकारी अस्पताल भेजा गया।

mpmedia24
Author: mpmedia24

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