24 साल बाद हत्या का दोषी गिरफ्तार — नाम बदलकर छुपा रहा पहचान, रंगनाथ नगर पुलिस ने खोला राज
कटनी जिले में पुलिस ने 24 साल से फरार चल रहे आजीवन कारावास के सजायाफ्ता आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। साले की हत्या के मामले में दोषी राकेश बंगाली पिछले दो दशक से अपना नाम बदलकर राकेश निषाद के नाम से रह रहा था। हैरानी की बात यह है कि आरोपी कटनी के ही कोतवाली क्षेत्र में खुलेआम रह रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच टीम की मेहनत से उसकी असली पहचान उजागर हो गई।
कटनी सी एस पी नेहा पच्चीसीय ने बताया कि वर्ष 1995 में साले की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर आरोपी राकेश बंगाली को वर्ष 1999 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2002 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया। फरारी के दौरान उसने अपनी पहचान बदलने के लिए आधारकार्ड में नाम बदलकर राकेश निषाद कर लिया और लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। फरारी के दौरान आरोपी के खिलाफ एनकेजे थाना क्षेत्र में आबकारी एक्ट का मामला भी दर्ज हुआ, लेकिन बदली हुई पहचान के कारण पुलिस उसकी असलियत तक नहीं पहुंच सकी। उसकी तलाश ओडिशा तक की गई, पर कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार रंगनाथ नगर और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने पुराने परिचितों से पूछताछ और तकनीकी आधार पर आरोपी की वास्तविक पहचान स्थापित की। टीम ने आरोपी को मुड़वारा स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर हाईकोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जिला जेल कटनी भेज दिया गया।


