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विदिशा मंडी में किसानों का हंगामा और चक्का जाम

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बड़ी खबर विदिशा से, जहां किसानों ने अपनी उपज के उचित दाम न मिलने से नाराज होकर मिर्जापुर कृषि उपज मंडी में हंगामा किया और इसके बाद हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। आखिर क्या है किसानों की परेशानी और प्रशासन का इस पर क्या कहना है? आइए, आपको ले चलते हैं खबर की पूरी जानकारी के साथ विदिशा की मिर्जापुर कृषि उपज मंडी में आज उस वक्त हंगामा मच गया, जब किसानों ने अपनी फसलों के दाम अचानक गिरने से नाराज होकर पहले मंडी के अंदर प्रदर्शन किया। जब उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो गुस्साए किसानों ने मंडी के बाहर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।

 

“किसानों का कहना है कि एक दिन पहले उनकी उपज को 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक का दाम मिल रहा था, लेकिन मंडी में आज जब वे अपनी फसल बेचने पहुंचे, तो दाम 2200 रुपये तक हो गए। यानी, जो फसल कल 2600 रुपये में बिकी, आज उसका दाम सिर्फ 2200 रुपये रह गया।

 किसान बंटू ठाकुर हम लोग दो-तीन दिन तक मंडी में पड़े रहते हैं। न खाने की चिंता, न पानी की। इतनी धूप में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आते हैं। दाम अच्छे नहीं मिले इसलिए चक्का जाम करना पड़ा। किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।”[वॉइस ओवर जारी]

“किसानों की शिकायत सिर्फ दामों तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि मंडी कमेटी उनकी बात नहीं सुनती और तुलाई मंडी के बाहर कराई जाती है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी होती है। पिछले तीन साल से मंडी यहां शिफ्ट हुई, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

 महेंद्र सिंह “मंडी कमेटी हमारी शिकायत नहीं सुनती। तुलाई मंडी के बाहर कराई जाती है। तीन साल पहले मंडी यहां शिफ्ट हुई थी, लेकिन अब तक किसानों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ।

“हमें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा। मेहनत करते हैं, लेकिन फायदा कुछ नहीं।

“गेहूं के रेट 2200 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं, जबकि भाव 2600 से ऊपर हैं। एकदम से दाम नीचे गिरा दिए गए। ये कहां का न्याय है?”

“हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। SDM क्षितिज शर्मा ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया और चक्का जाम खत्म करवाया। SDM का कहना है कि किसानों की शिकायतों पर जांच की जाएगी और उनकी मांगों का जल्द समाधान निकाला जाएगा।”

“किसानों की समस्याओं को सुना है। उन्होंने बताया कि हम्माली के अलावा उनसे अलग से भी पैसे लिए जा रहे हैं। इसकी जांच होगी। 

तो ये थी विदिशा से बड़ी खबर, जहां किसानों ने अपनी मांगों को लेकर हाईवे पर चक्का जाम किया। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा। लेकिन सवाल ये है कि आखिर कब तक किसानों को अपनी मेहनत का सही दाम मिलेगा?

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Author: mpmedia24

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