18233 इंदौर से चली कटनी नही पहुँची, GRP में मामला दर्ज
इंदौर से कटनी जाने के लिए निकली 29 साल की युवती अर्चना तिवारी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई है। अर्चना 7 अगस्त की सुबह इंदौर से कटनी के लिए निकली थी। वह ट्रेन नंबर 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस के बी-3 कोच में सीट नंबर 3 पर सफर कर रही थी।
बताया जा रहा है कि युवती इंदौर से रवाना हुई और भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन तक पहुंची, लेकिन इसके बाद ट्रेन में दिखाई नहीं दी। उसका बैग उमरिया स्टेशन पर मिला, लेकिन वह खुद कहां गई। इसका अब तक पता नहीं चल सका है। लापता युवती अर्चना मंगल नगर, कटनी की निवासी है और वर्तमान में इंदौर में रहकर सिविल जज की परीक्षा की तैयारी कर रही थी। साथ ही वकालत भी कर रही थी। ट्रेन में सफर के दौरान परिवार वालों से आखिरी बार उसकी बात रात 10:15 बजे हुई थी। तब ट्रेन भोपाल के आसपास थी। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद है।परिजनों ने जब कटनी स्टेशन पर उसका इंतजार किया और वह नहीं पहुंची, तो तत्काल तलाश शुरू की गई। परिजनो ने उमरिया में रिश्तेदारों को सूचना दी। जब रिश्तेदारों ने ट्रेन का इंतजार किया तो उन्हें युवती का बैग उमरिया स्टेशन ट्रेन में मिला, लेकिन अर्चना नहीं मिली। परिजन का कहना है कि वह पढ़ी-लिखी और समझदार है। सिविल जज की तैयारी कर रही थी। ऐसे में अचानक ट्रेन से उतर जाना या गुम हो जाना संदिग्ध लगता है। जीआरपी पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ है।
GRP की टीमें भोपाल से नागपुर, मुंबई, कटनी से दिल्ली की ओर टीम रवाना हुई है, रेल्वे स्टेशनो के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।
इंदौर से कटनी की महज 688 किलोमीटर की दूरी 7 अगस्त से 18 अगस्त यानी 11 दिनों में भी पूरा न कर सकी वो ट्रेन जिसमे अर्चना सवार थी –सवाल आज रेल्वे सुरक्षा और आम यात्री के प्रति दायित्व जो है उसमें एक बड़ी चूक नजर आ रही और रेलवे पर सवाल खड़ा करता है
GRP टीम आज लापता अर्चना तिवारी के घर पहुँची परिवार वालो से कुछ बिंदुओं पर जानकारी लेने और जांच के दायरे को बढाने की बात कही।
आपको बता दे कि नर्मदापुरम में NDRF टीम जल में तो GRP पुलिस जंगल से लेकर जमीन पर रेल्वे ट्रेक तक कर चुकी तलाश आखिर अर्चना तिवारी का अब तक कोई खबर पता नही चला पुलिस के हाथ आज भी खाली है,तो वही अर्चना के परिवार वालो का हालत बिगड़ती जा रही इंतजार में


