“विदिशा में आज कांग्रेस का ज़बरदस्त विरोध देखने को मिला। एनएसयूआई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट घेराव करने पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने बीच बाजार में ही उन्हें रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हुए तो पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। आखिरकार दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
“विदिशा जिला मुख्यालय पर आज कांग्रेस और एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप लेता दिखा। कलेक्ट्रेट घेराव के ऐलान के बाद सुबह से ही सैकड़ों कार्यकर्ता शहर की सड़कों पर उतर आए। जगह-जगह नारेबाज़ी हुई और भीड़ लगातार कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने की कोशिश करती रही।”
“लेकिन पुलिस पहले से अलर्ट थी। जैसे ही कार्यकर्ता आगे बढ़े, उन्हें बीच बाजार में रोक लिया गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। भीड़ बेकाबू हुई तो हालात संभालने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। पानी की तेज़ बौछारों से प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए।”
“हालात काबू में आते ही पुलिस ने एनएसयूआई और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कार्यकर्ता नारेबाज़ी करते रहे और अपनी मांगें दोहराते रहे।”
आशुतोष चौकसे, प्रदेश अध्यक्ष, एनएसयूआई : “कई सालों से कॉलेजों में चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगी है। छात्र नेताओं की आवाज़ दबाई जा रही है। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द कॉलेजों में चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्रों की समस्याएं उठ सकें।”
“एनएसयूआई का आरोप है कि भाजपा सरकार कॉलेजों में चुनाव प्रक्रिया को लगातार टाल रही है। उनका कहना है कि कॉलेज चुनाव न होने से छात्रों की आवाज़ दब रही है और उनकी समस्याएं सामने नहीं आ पा रही हैं।”
“काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस ने हालात काबू में किए। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद बाजार में शांति बहाल हो गई।


