विदिशा जिले के सिरोंज जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले कहीं ग्रामों की हालत इतने खराब है कि लोग आज भी अपनी जरूरत से शहर नहीं जा पा रहे
कही ग्रामीण ऐसे है कि शासन को ग्राम पंचायत के लोग चुना लगा रहे ओर पुलिया धराशाही हो चुकीं बड़ा सवाल ये उठता है कि अगर पुलिया धराशाही हो रहीं तो आखिर इनकी जांच क्यों नहीं हो रही ओर अगर पहले ही इन पुलियों की ठीक तरह से जांच हो जाती तो शायद आज ये हालत गांवों में देखने को नहीं मिलते
भले ही सरकार ग्रामीण विकास के लिए करोड़ों रुपए खर्च करे लेकिन ग्रामों के हालत खराब ही है क्यों कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से ये कामों को अंजाम दिया जाता है।
ऐसे ही कुछ ग्रामों में जब हमारी टीम पहुंची तो ग्राम पंचायत चठोली के ग्राम हबीबगंज के गांव की पुलिया टूट चुकी जिसको अभी तक जिम्मेदार दरकिनार करते नजर आ रहें है। टूटी पुलिया के कारण देश का भविष्य नोनियालो को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कहीं बार बच्चे बह जाते है ओर मूलभूत जरूरतों के लिए भी शहर का आवागमन नहीं कर पा रहें है।
जब हमारी टीम ग्राम पंचायत इकोदिया के ग्राम बनिया ढाना पहुंची तो देखा गया कि इंद्रा आवास योजना प्लाट की जो पुलिया है वो टूट चुकी टूटी पुलिया पार करके मरघट शाला जाना पड़ता है जिसमें ग्रामीणों का कहना है कि सही तरह से निर्माण नहीं हुआ उसके कारण पुलिया धराशाही हो चुकी
वहीं जब हमारी टीम ढ़ीमरोली पहुंची तो देखा गया कि टपरों को जाने के लिए एक पुलिया जिसका निर्माण 3,4 महीने पहले ही हुआ था वो भी धराशाही हो चुकी इस पुलिया से भी ग्रामीण आवागमन करने को मजबूर है
अब सवाल ये उठता है कि आखिर कैसे इस भ्रटाचार के कामों को अंजाम दिया जाता है क्या अधिकारियों की मिलीभगत से ही इन कामों को अंजाम दिया जाता है
अगर ऐसा नहीं तो अधिकारी क्यों चुप्पी साधकर बैठ जाते क्यों जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं होती अब देखना ये होगा कि इन पर कोई कार्रवाई होती है यहां खानापूर्ति


