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विदिशा के विकास को लेकर जल सत्याग्रह, 33वें दिन बेतवा नदी में उतरे भाजपा–कांग्रेस पार्षद

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विदिशा नगर पालिका के पार्षदों का आंदोलन आज 33वें दिन भी जारी है। विदिशा के परिपूर्ण विकास की मांग को लेकर आज पार्षदों ने एक अलग और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर विदिशा की जीवनदायिनी बेतवा नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया।

पार्षदों का कहना है कि वे पिछले 33 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की गई है। इसी नाराज़गी के चलते आज बेतवा नदी में जल सत्याग्रह कर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया।

पार्षदों ने कहा कि विदिशा शहर की हालत बेहद खराब है। सड़कों की स्थिति, सीवेज व्यवस्था और नालों की गंदगी सीधे बेतवा नदी में मिल रही है, जिससे शहर की जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है। इससे पहले भी पार्षद नगर पालिका के विरोध में अर्थी जुलूस निकाल चुके हैं।

 – आशीष माहेश्वरी (कांग्रेस पार्षद) : नेता प्रतिपक्ष आशीष माहेश्वरी ने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं बल्कि विदिशा के विकास की है। उन्होंने कहा कि जिस बेतवा नदी में आज जल सत्याग्रह किया जा रहा है, उसकी स्थिति खुद बयां कर रही है कि शहर का विकास किस हालत में है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को यह सब दिखाई नहीं दे रहा।

 – पार्षद प्रतिनिधि :  पार्षदप्रतिनिधि जमुना कुशवाहा ने कहा कि बेतवा नदी लगातार प्रदूषित हो रही है। नालों और सीवेज का गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे विदिशा की जनता को गंदा पानी पीना पड़ रहा है। इसी कारण आज जल सत्याग्रह किया गया है।

– पार्षद प्रतिनिधि : धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि धरने को 33 दिन पूरे हो चुके हैं। कुछ दिन पहले विधायक द्वारा 13 तारीख तक काम शुरू कराने और भ्रष्ट अधिकारियों को हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक जमीन पर कुछ भी नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा

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Author: mpmedia24

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