मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उद्योग-हितैषी नीतियों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। उज्जैन जिले में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और शहर अब वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
विक्रम उद्योगपुरी में अमेरिका की आरपीएसपीएल प्राइवेट लिमिटेड, पेप्सीको इंडिया होल्डिंग्स और ऑस्ट्रेलिया की प्लेग्रोटाइज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपने अत्याधुनिक प्लांट स्थापित किए हैं। वहीं जर्मनी की वोल्वो आयशर कंपनी ने भी यहां अपना औद्योगिक संयंत्र लगाया है।
देवास औद्योगिक क्षेत्र में जापान की सेनओह इंडिया और स्पेन की रोका सेनेटरी प्राइवेट लिमिटेड ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क में अमेरिका की क्लीनिसप्लाईज और दक्षिण कोरिया की ई-फाइबर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मेडिकल उपकरणों का निर्माण किया जा रहा है। आगर मालवा औद्योगिक पार्क में कनाडा की मेककेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड भी सक्रिय है।
इन औद्योगिक इकाइयों में व्हिप्ड क्रीम, बेवरेजेस, खिलौने, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, सेनेटरी वेयर, मेडिकल डिवाइस, कैंसर डिटेक्शन किट और फ्रेंच फ्राइज जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनका निर्यात अमेरिका, रूस, यूक्रेन, कोरिया, कनाडा और सिंगापुर जैसे देशों में किया जा रहा है।
इसके साथ ही अमूल इंडिया, इस्कॉन बालाजी, बेस्ट लाइफस्टाइल, सन फार्मास्यूटिकल्स और आईपीसीए लैबोरेट्रीज जैसी भारतीय कंपनियां भी उज्जैन और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
पिछले दो वर्षों में उज्जैन में लगभग 16 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। यह उज्जैन के औद्योगिक भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।


