कटनी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर जिला जन अधिकार मंच ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। पुरानी कचहरी चौराहे पर एक दिवसीय धरने के दौरान पूरे दिन इंतजार के बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रशासन की इस अनदेखी से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक विरोध करते हुए अपना ज्ञापन कुत्ते को सौंप दिया।
जिला जन अधिकार मंच के पदाधिकारी विंदेश्वरी पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा कटनी में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा के बाद जनता में उम्मीद जगी थी, लेकिन बाद में पीपीपी मॉडल पर कॉलेज खोले जाने की जानकारी से निराशा फैल गई। मंच का कहना है कि पीपीपी मॉडल निजीकरण का दूसरा रूप है, जिससे आम लोगों पर इलाज और शिक्षा का बोझ बढ़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खुले हैं, वहां आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
धरना स्थल पर किसी जिम्मेदार अधिकारी के न पहुंचने पर मंच के पदाधिकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप ज्ञापन कुत्ते को सौंपकर प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश जताया।


