विदिशा जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जन्म के तुरंत बाद गंभीर स्थिति में जन्म लेने वाले शिशुओं की देखभाल और सुरक्षा को लेकर किए जा रहे उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि लगभग 90 प्रतिशत नवजात शिशु संस्थागत प्रसव के बाद पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं, जबकि करीब 9 प्रतिशत बच्चों को जन्म के बाद किसी न किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है। वहीं लगभग 1 प्रतिशत नवजात ऐसे होते हैं जिन्हें विशेष देखभाल, दवाइयों, मसाज और निरंतर निगरानी की आवश्यकता होती है।
इन्हीं गंभीर रूप से प्रभावित नवजात शिशुओं की सुरक्षा और बेहतर इलाज को ध्यान में रखते हुए यह कार्यशाला आयोजित की गई, ताकि समय रहते सही उपचार देकर शिशुओं के जीवन को सुरक्षित किया जा सके।


