भेरूंदा, सीहोर
जीवनदायिनी माँ नर्मदा नदी में अवैध रेत खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। बीते पाँच महीनों में अवैध रेत खनन के कारण आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
ताजा मामला नर्मदा नदी के बाबरी गांव क्षेत्र का है, जहां अवैध रेत खनन में उपयोग की जा रही पोकलैंड मशीनों और पनडुब्बियों से बने गहरे गड्ढों में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नदी में बने ये गहरे गड्ढे हादसों का कारण बनते जा रहे हैं।
दोनों शवों को भेरूंदा-नसरुल्लागंज सिविल अस्पताल लाया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। यह मामला थाना रेहाटी क्षेत्र, ब्लॉक भिलाई से जुड़ा बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मृतक दोनों युवक महागांव के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
लगातार हो रही मौतों के बावजूद अवैध रेत खनन पर प्रभावी रोक न लग पाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।


