निजी मेडिकल संचालक और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ योगेश तिवारी के बीच हुई तीखी नोंक झोंक बिना डिग्री के चल रही थी मेडिकल और क्लिनिक सीएमएचओ ने पुलिस की मौजूदगी में की गई सील
शासन के निर्देश के अनुसार आज जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ योगेश तिवारी विदिशा जिले की निरीक्षण पर निकले इस दौरान कुछ लोगों द्वारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी योगेश तिवारी को रोका और अवैध तरीके से क्लीनिक चलाने वाले की शिकायत की जहां उन्होंने मेडिकल की जांच करने के लिए गए तो चौरसिया मेडिकल संचालक और योगेश तिवारी के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई बात मारने पर उतर आई तो वहीं ग्यारसपुर थाना प्रभारी को सीएमएचओ द्वारा फोन किया गया तो मौके पर पुलिस भी पहुंच गई पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल और क्लिनिक को सील किया गया जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर योगेश तिवारी द्वारा बताया गया कि शासन के निर्देशानुसार झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही की प्रक्रिया चल रही है कई झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी इस पर अंकुश लगाने के लिए आज कलेक्टर द्वारा मुझे निर्देश दिए गए थे झोलाछाप डॉक्टर पर कार्यवाही करने के लिए पहुंचे तो उस दौरान अटारी खेजड़ा में चौरसिया मेडिकल के संचालक द्वारा मेरे साथ तीखी नोंक झोंक हो गई उसके बाद पुलिस की मदद से मेडिकल और क्लिनिक को सील किया गया चौरसिया मेडिकल संचालक से पूछा गया तो उन्होंने बताया गया कि मेरे पास कोई डिग्री नहीं है बस में पहले स्वास्थ्य विभाग में काम किया करता था मुझे नॉलेज होने के कारण मैं मेडिकल और क्लिनिक खोली गई है । यह बात भी सामने आई है कि इस क्लीनिक के ऊपर डॉक्टर चंद्रकांत चौरसिया की बड़ी नेम प्लेट लगाई गई है जो विदिशा के जानेमन है डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालक हैं सवाल यह उठता है कि झूला छाप क्लीनिक चला रहे उक्त व्यक्ति चंद्रकांत चौरसिया से जुड़े हुए हैं या फिर चंद्रकांत चौरसिया ही अटारी खेजड़ा में फर्जी वाला कर अपने प्रतिनिधि को वहां रखा है यह भी बताया गया कि इस कार्यवाही के दौरान अटारी खेजड़ा में संचालित अन्य झूला छाप डाक्टर अपनी दुकान बंद करके चलते बने


