22 जनवरी को शहर के द्वारा अलग-अलग स्थान से चोरी हुई स्कॉर्पियो गाड़ी के चोरों को किया गिरफ्तार
राजस्थान के सांचौर से दोनों को किया गया गिरफ्तार दोनों चोरी गए वाहनों को किया जप्त
एसपी में बताया की 100 टोल नाको के 630 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई
ड्यूटी में बनाकर राजस्थान और महाराष्ट्र भेजी गई
तीसरी टीम टेक्निकल तौर पर सबको लेकर कर रही थी काम
10000 से ज्यादा मोबाइल फोन के डाटा किए गए सर्च
पकड़े गए आरोपी तेज रफ्तार चलने वाले वाहनों को ही बनाते थे निशाना
इन वाहनों का बाद में मादक पदार्थों के तस्करी के लिए होता था इस्तेमाल
आज शाम विदिशा पुलिस कप्तान रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे, नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 और 23 जनवरी की रात कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग क्षेत्र से दो स्कॉर्पियो वाहन चोरी हुए थे। वाहनों की चोरी होने के साथ कि उन्हें ट्रस करने की प्रक्रिया पुलिस में प्रारंभ कर दी थी। लगातार सर्चिंग और एक महीने की मशक्कत के बाद पुलिस ने राजस्थान के ग्राम सांचौर से दो आरोपियों रूपाराम उर्फ पप्पू पुत्र मानाराम विश्नोई और रमेश कुमार पुत्र प्रभुराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी गई दोनों स्कॉर्पियो वाहन भी जप्त किए गए। एसपी ने बताया कि यह अंतरराज्यीय गिरोह था। उनके साथ 8 से 10 लोगों की टीम है। पांच लोग विदिशा में चोरी करने आए थे। उस समय भी उनके पास तेज रफ्तार वाहन क्रिएटा थी उन्होंने रेंडम ली वाहन को सुनसान इलाके में खड़ा देखा और आधुनिक तकनीक से लैस हो कर कुछ ही मिनट में स्कॉर्पियो को चुरा लिया। इसी प्रकार से दूसरी चोरी भी विदिशा में की गई एसपी ने बताया कि चोर गिरोह का नेटवर्क राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तक फैला हुआ था। यह गिरोह तेज रफ्तार में चलने वाले वाहन ही चुराते थे। चुराने के बाद नंबर प्लेट के अलावा इंजन नंबर, चेचिस नंबर भी मिटा देते थे, इन गाड़ियों को बेचने और उसके बाद उनका इस्तेमाल अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए ही किया जाता था। पकड़े गए आरोपियों और उनके अन्य साथियों पर देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्जनों मामले दर्ज हैं। इस घटना से पहले सीहोर में भी एक वाहन चोरी होने की घटना सामने आई थी। उसमें भी इन्हीं आरोपियों और गैंग का हाथ था। पुलिस कप्तान ने अपनी टीम के सभी सदस्यों की तारीफ करते हुए इनाम की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अपराध को पकड़ने के लिए 100 टोल नाको के 630 सीसीटीवी कैमरा के फुटेज देखे हैं। वहीं ढाई सौ से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा आदि पर भी जांच पड़ताल की है। कुल तीन टीम इस काम के लिए बनाई गई थी। जिनमें एक टीम राजस्थान दूसरी टीम महाराष्ट्र गई थी। तीसरी टीम टेक्निकल तौर पर साक्ष्य जुटाने में लगी थी। 10000 से ज्यादा मोबाइल के डाटा भी सर्च किए गए थे


